अज्ञेय द्वारा संपादित "दूसरा सप्तक" का प्रकाशन 1951 में हुआ। "तार सप्तक" 1943 में, "दूसरा सप्तक" 1951 में, "तीसरा सप्तक" 1959 में तथा "चौथा सप्तक" 1979 में प्रकाशित हुए।