गोदान मुंशी प्रेमचंद का प्रसिद्ध उपन्यास है। इसके केंद्र में होरी और धनिया के माध्यम से ग्रामीण भारत, कर्ज़, शोषण और सामाजिक संरचना का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण मिलता है।