आधुनिक मानक हिंदी का मुख्य आधार खड़ी बोली है। विशेष रूप से दिल्ली-मेरठ क्षेत्र की खड़ी बोली ने आधुनिक गद्य हिंदी के मानकीकरण में केंद्रीय भूमिका निभाई।