सच्चिदानन्द का संधि-विग्रह सत् + चित् + आनन्द है। सत् + चित् में व्यंजन-संधि से "सच्चित्" जैसा रूप बनता है, जो आगे जुड़कर "सच्चिदानन्द" बनता है।