"क्रोध" रौद्र रस का स्थायी भाव है। रस-सिद्धांत में किसी भाव के परिपक्व होकर रस का रूप लेने में स्थायी भाव की मुख्य भूमिका होती है। जैसे शोक से करुण रस, भय से भयानक रस और क्रोध से रौद्र रस की निष्पत्ति होती है। इसलिए सही उत्तर रौद्र है।