"जगत् + नाथ" के मेल से "जगन्नाथ" बनता है। यहाँ "त्" और "न" के संयोग में व्यंजन का रूप बदलकर "न्न" हो जाता है। चूँकि परिवर्तन व्यंजनों के मेल के कारण हुआ है, इसलिए यह व्यंजन संधि का उदाहरण है।