सत्कार का अर्थ सम्मान, आदर या स्वागत है। इसका विलोम तिरस्कार है, जिसका अर्थ अपमान, अनादर या उपेक्षापूर्ण व्यवहार है। इसलिए दोनों शब्द अर्थ की दृष्टि से ठीक विपरीत हैं।