रसास्वादन का सही संधि-विच्छेद रस + आस्वादन है। यहाँ पहले शब्द के अंत का अ और अगले शब्द के आरम्भ का आ मिलकर दीर्घ आ बनाते हैं। इसलिए “रसास्वादन” रूप बनता है।