यह युग्म गलत है। आजीवन का अर्थ है “जीवन भर” या “जीवन पर्यंत”, इसलिए इसे सामान्यतः अव्ययीभाव समास माना जाता है। नीलकमल = कर्मधारय, चौराहा = द्विगु और यथाशक्ति = अव्ययीभाव के मानक उदाहरण हैं।